Posted by: हरदीप कौर संधु | जून 16, 2011

गर्मी के हाइकु-5


9- डॉ रमा द्विवेदी

1

सूर्य धधका
        सागर-जल वाष्प
  मेघ पिघला ।

2

गर्मी में  ब्याह
  टप-टप टपके
  वधू-शृंगार ।

3

  धरती दग्ध
        सूरज ज्वालामुखी
        व्याकुल प्राणी ।

4

  वैशाख तपे
        देह जरावै जेठ
        रूठा क्यों मेघ?

5

   तन तड़पे
       शुष्क नदी ज्यों मीन
       सिर पटके।

6

  चोटी से एड़ी
       बूँद -बूँद टपके
       गर्मी की मार ।

7

  प्रणय -आग
      ज्यों जेठ दुपहरी
      प्रिय की चाह ।

8

फ़सले पकीं
      गरमी की मार से
     धरा झुलसी ।

9

ताल-तलैया
       सिमटे पोखरवा
      धधकी ज्वाल।

10

महुआ फूला
     मादक रसगंध
       हवा में घुली।

11

कैसे सहती
       अग्नि सरीखे दिन
       मीठा बोलती ।

12

   पंखा झलते
       हाय-हाय करते
    दिन  कटते।

13

धूप में बैठ
       तोड़ती वो पत्थर
     उफ़ न करे ।

14

   बिकने लगी
        पानी की हर बूँद
       प्याऊ गायब?

15

   बदल जाता
        खानपान का ढ़ंग
       ग्रीष्म के दिन।

16

 धनी के लिए
        हर मौसम प्यारा
      गरीब न्यारा ।

17

कड़ी धूप में
     हँसे गुलमोहर
      प्रेयसी लाल ।

18

धूप उतरी
       आँख मिचौली खेल
   मुँडेर चढ़ी ।

19

 रात बिताई
       घड़ियाँ गिन-गिन
      बीते न दिन ।

20

 सिमटा जल
       क्षीण हुईं नदियाँ
     करें रुदन ।

21

  सुलगे दिन
       रूठ गई क्यों नींद
       पूछे दो नैना ।

                                  10-डा.अमिता कौंडल

1

जेठ की गर्मी
  तपता धरातल
  प्यासी नदिया

2

जलता  सूर्य 
  भभकती दिशाएँ
  बैचैन पंछी

3

जलता जून
  व्याकुल धरती
   बरसो मेघ

4

जलता जेठ
   तरसते हैं खेत
   पीने को जल

5

बिजली गुल
    जल प्रवंध बंद
    गर्मी की जंग

6

उमसी रातें 
     झुलसती है भोर
     ग्रीष्म  की ठौर

7

पंखे के तले
     ठंडक पसीने की
     सुहानी ग्रीष्म

8

ये बचपन 
     फुटपाथ पे मरा
      गर्मी की मार

9

लू में जलता
      लाचार बचपन
      माँजे वर्तन

10

बूढा लाचार 
       जेठ की दुपहरी
       भटके द्वार

11

पंखा झुलाती 
        माँ  खिलाती थी कौर
        गर्मी की साँझ

12

पंखा झुलाती
         माँ सुलाती थी गोद
         गर्मी की रात

13

गुल  बिजली

माँ की पंखी  झूलती
 थी रात  भर

14

आँगन बैठें
          देर  तक रात को
          गर्मी की यादें

15

तारे गिनना  
         छत पे भैया संग
         गर्मी की रातें

16

छत पे सोना
         दीदी संग लड़ना
         गर्मी की रातें

17

नानी के घर
         गर्मियों की छुट्टियाँ
         सुहानी यादें

18

मिट्टी का घड़ा

चौपाल पर पड़ा

गायब अब

19

मैना तरसे

धरती है तडपे

मेघ जो रूठे

-0-


Responses

  1. अमिता जी ,के सभी हाइकु सार्थक हैं….. बधाई एवं शुभकामनाएं….
    हरदीप जी एवं हिमांशु जी बहुत -बहुत हार्दिक आभार ! आपने मेरे हाइकुओं को भी यहां पर स्थान दिया…..

  2. बिकने लगी
    पानी की हर बूँद
    प्याऊ गायब?
    garmi me yahi haal hona hai .bahut sunder likha hai aapne
    नानी के घर
    गर्मियों की छुट्टियाँ
    सुहानी यादें
    aapne bachpan ki yad karadi bahut khub

    rama ji aur amita ji aap ke sare haiku ati sunder hain
    badhai
    rachana

  3. ek se badhkar ek hain sare haiku

  4. अमिता जी और रमा जी, दोनो के ही हाइकु लाजवाब हैं…। बहुत सारी यादें ताज़ा कर जाते हैं, जब घरों में इनवर्टर नहीं हुआ करते थे और सच में जब बिजली जाती थी तो माँ सारी रात पंखा झलती थी और हम चैन से सोते थे…।
    मेरी बधाई…।

  5. गागर में सागर जैसी हैं रचनाएं।

    आभार।

  6. रामेश्वर भैया व हरदीप जी आपका हार्दिक धन्यवाद जो रमाजी के साथ मेरे हाइकु को यहाँ स्थान दिया. रमा जी के सभी हाइकु बहुत सुंदर है बधाई. रचना जी मेरे सभी हाइकु हमेशा आपको , हरदीप जी को और रामेश्वर भैया को समर्पित हैं. आप सब की उत्साह बर्धक टिप्पणियों के लिए हार्दिक धन्यवाद.
    सादर
    अमिता कौंडल

  7. डॉ रमा द्विवेदी जी का यह हाइकु
    “सूर्य धधका
    सागर-जल वाष्प
    मेघ पिघला ।” बहुत प्रभावशाली है ।स्थापित हाइकुकार होने के नाते डॉ रमा जी ने गर्मी के विभिन्न पक्षों को प्रभाव्शाली ढग से पेश किया है । डॉ अमिता कौंडल ने अपने सभी हाइकु मे गर्मी का अच्छा चित्रण किया है । इस नए हाइकुकार की शक्ति इस हाइकु में दर्शनीय है -“मैना तरसे/धरती है तडपे/मेघ जो रूठे” सभी को बहुत बधाई !

  8. रमा जी और अमिता जी को बहुत बधाई, सभी हाइकु बहुत अच्छे लगे मौसम के अनुकूल मिज़ाज लिए हुए.

  9. महुआ फूला
    मादक रसगंध
    हवा में घुली।

    डा० रमा द्विवेदी का यह हाइकु अच्छा हाइकु है।


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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