Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | मई 26, 2011

एक मुस्कान


1-नागेश भोजने

1

संसार छोटा

मानव तू है बड़ा

कर प्रार्थना।

2

झरना स्वच्छ

प्रकृति की ही देन

जीवनदाता

3

प्रिया के संग

उमंग नवरंग

 इन्द्रधनुष

4

चाँदनी रात   

 पूनम का चाँद है

 प्रिया की याद

 5

 कवि -कल्पना

 सूरज की किरण

   रची कृतियाँ

  -0-


2-मीरा ठाकुर

1

मीठे हैं बोल

मिसरी रहे घोल

मन अमोल

2

वर्षा पानी

देता है जिंदगानी

यही रवानी

3

है अमराई

न अगर बौराए

कैसे दे साए

4

है अंहकार

भीषण अंधकार

जाना है पार

 5

एक मुस्कान

गहरी पहचान

नहीं वीरान 

6

उलझे रास्ते

अनचाही गलियाँ

बदहवास

7

बीता गुबार

जरूरी था संघर्ष 

मुदित मन

-0-

3-स्वरूपा राय 

1

आज मिले हैं

कहना है बहुत

समय कम
2

होने लगे हैं

पर्वत अचंभित

खाइयाँ  देख .

3

दिन निकला

चल पड़ा पथिक

रुकना मत

4

सूर्योदय में
ऐसा प्रकाश देखा

आनंद पाया

5

लोग सोचते
छोड़ते हुए देश
बहुत पाया

6

मिली जो भेंट 
स्वीकार कर मन
रख समेट


-0-



Responses

  1. आज मिले हैं
    कहना है बहुत
    समय कम
    bahut khoob

    sabhi haaiku shaandar


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