Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | अप्रैल 24, 2011

देवता है उदास


परिचय-रेखा रोहतगी

जन्म 11 जून 1952

शिक्षा: एम ए ( हिन्दी , राजनीति शास्त्र ,वाणिज्य) , बी एड्

6 काव्य संग्रह, एक कहानी संग्रह , छह बालकथा -संग्रह ।

सम्प्रति: दिल्ली में शिक्षण -कार्य

ये हाइकु इनके 2010 में प्रकाशित हाइकु -संग्रह-“खग समुझै…’ से लिये गए हैं ।

1

सूना मन्दिर

देवता है उदास

भक्त न पास

2

भूलना चाहूँ

उसे जो भूला मुझे

भूल न पाऊँ

3

कभी रुलाएँ

कभी हँसाएँ,यादें

जब भी आएँ

4

काजल नहीं

नींद नहीं , आँखों में

आँसू ही आँसू

5

राह तकते

दूखन लागे नैन

झूठे हैं बैन

6

आँखों -आँखों में

रात कटी , तुम्हारी

जो बात चुभी

7

तुम्हारा नाम

हृदय पर लिखा

जीवन रँगा

8

मन -मन्दिर

साँस-साँस वन्दन

देवता तुम

9

सुख भी भार

दु:ख के अन्देशे में

ये कैसा प्यार !

10

वे चाहें फूल

बिछाते हैं जो शूल

कैसा चलन !

11

निशिवासर

बहता है सागर

नैन न रीते

12

प्रतीक्षा तेरी

बीता जीवन सारा

कौन सहारा

13

बेटी बाहर

गुज़ारे आधी रात

सोया न जाए

14

सपना देखूँ

अपनों के प्यार का

फिर कलपूँ

15

है बरसात

बाहर -भीतर है

पानी ही पानी

16

लू के थपेड़े

झुलसता है तन

आकुल मन

17

शब्द है सीपी

जिसमें मिलता है

भाव का मोती                                                                                                                              -0-                                                                                                                                            रेखा रोहतगी


Responses

  1. सपना देखूँ
    अपनों के प्यार का
    फिर कलपूँ
    bahut sunder
    saadar
    amita

  2. सभी हाइकु भावपूर्ण हैं ….रेखा जी को शुभकामनाएं

  3. मन -मन्दिर
    साँस-साँस वन्दन
    देवता तुम

    शब्द है सीपी
    जिसमें मिलता है
    भाव का मोती

    ये हाइकु तो मन पर अंकित से हो गए। बधाई !

  4. बहुत खूबसूरत हाइकु हैं…मेरी बधाई…।

  5. तुम्हारा नाम

    हृदय पर लिखा

    जीवन रँगा

    सभी हाइकु बहुत सुंदर हैं….

  6. “सुख भी भार / दु:ख के अन्देशे में / ये कैसा प्यार !” अद्भुत !!! इतनी सुन्दर बात की प्रशंसा लायक शब्द ही नहीं हैं मेरे पास

    शब्द है सीपी / जिसमें मिलता है / भाव का मोती – खरा सच, शब्दों की सीपी में ही भावोँ के मोती मिलते हैं …

  7. प्रतीक्षा तेरी
    बीता जीवन सारा
    कौन सहारा

    बेटी बाहर
    गुज़ारे आधी रात
    सोया न जाए
    SAHI LIKHA HAI AAPNE .
    वे चाहें फूल
    बिछाते हैं जो शूल
    कैसा चलन !
    aaj kal log aesa hi chahte hain
    sabhi hayku bahut sunder hain .aapko badhai
    rachana

  8. सभी हाईकु बहुत ही अच्छे हैं किस किस की तारीफ करूँ। रेखा जी को बधाई।

  9. रेखा रोहतगी जी के हाइकु सहज और सार्थक हैं .बधाई .हिमांशु जी आप को इस नेक काम के लिए हार्दिक धन्यवाद .

  10. सभी हाइकु बहुत अच्छे हैं । बहुत-बहुत बधाई!

  11. आपने कहे
    प्रशंसा के जो बोल
    हैं अनमोल
    हार्दिक धन्यवाद
    सदा रहोगे याद

    बने आधार
    नव रचना हेतु
    शब्द हैं हेतु

  12. हर हाइकु
    दिखाए कैसा जादू
    मन हैरान ।


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

श्रेणी

%d bloggers like this: