Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | मार्च 5, 2011

तेरी खुशबू


1

अधर-प्यास

न बुझने पर क्यों

देती है त्रास ?

2

मिलन-आस

क्यों जगाती मुझमें

सदा विश्वास

3

चढ़ती धूप

समय के साथ क्यों

बदले रूप

4

तेरा ये प्यार

सिद्ध करता है क्यों

झूठा संसार

5

तेरी खुशबू

रची -बसी है प्रिय

अब हरसू

6

मीठी -सी धारा

सागर अंक भर

करता खारा

-0-

अमर साहनी

बी-70 , संजय कॉलोनी,फ़रीदाबाद

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Responses

  1. चढ़ती धूप
    समय के साथ क्यों
    बदले रूप
    काफी अच्छा है

  2. मीठी -सी धारा
    सागर अंक भर
    करता खारा
    kitni gahri baat kahi aapne man ko chhu gai
    rachana

  3. प्रणाम.. सभी रचना सुन्दर.. ! बधाई !

    बहुत सारी बाते,, सवाल एक साथ बताता सुनता ये हाइकु बहुत अच्छा लगा..

    चढ़ती धूप
    समय के साथ क्यों
    बदले रूप


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