Posted by: हरदीप कौर संधु | जनवरी 20, 2011

सूरजमुखी-सा मन


1

नभ में  पंछी

सागर – तन मीन

कहाँ बसूँ मैं ?

2

कितना लूटा

धन संपदा यश

घर न मिला .

3

चंदन -साँझ

रच बस गयी है

मन खाली था.

4

अकेली तो हूँ

मगर भीड़ को भी

ओढ़ लेती हूँ.

5

आकाश ओढ़ो

तारों को बिछा दो

स्वप्न सोएँगे .

6

खोया पल न

लौटे फिर ,जीवन

लौट जाता है

7

नारी श्रद्धा है

आज इड़ा भी वही

सचेत रहो !

8

मेरे रंग की

आभा लाई ,बेटी क्यों

हुई पराई !

9

ओस- सी नर्म

निश्छल- सी दुनिया

नन्ही कलियाँ !

10

वाणी -सी शुभ्र

लक्ष्मी सी वरदायी

बिटिया आई .

11

सूरजमुखी-

सा मन खिला पर

मुरझाया भी .

12

हाथ – हाथ में

बात – बात में खिले

मैं और तुम .

13

सर्दी में जब

ये धूप अलसाई

तू याद आई .

14

मन अकेला

भीड़ का रेला , मेला

किस काम का .

15

हवा चली ले

झीनी नर्मी , हरती

मन की गर्मी .

16

संवेदन की

खिली छटा निराली ,

फिर भी खाली .

17

साथ तुम्हारा

प्यार है ,घर नहीं

न ही द्वार है .

18

सब माँगा जो

जीवन से ,मुझे ही

क्यों छोड़ दिया ?

-0-

डॉ ॠतु पल्लवी


Responses

  1. ॠतु पल्लवी के सभी हाइकु एक से बढ़कर एक हैं, अनुभूति की सतरंगी छटा बिखेरते हुए ।सूरजमुखी-
    सा मन खिला पर/मुरझाया भी .हाइकु में सूरजमुखी का उपमान नए रूप में आया है ।ऊबड़-खाबड़ हाइकु की फसल उगाकर जो हिन्दी के हाइकु के राजमार्ग में खर-पतवार फैलाते रहे हैं, उन्हें ज़रूर निराशा होगी ।भाषा-संयम ने हाइकुओं को और निखार दिया है ।
    हार्दिक बधाई !

  2. ऋतु जी बहुत ही सुन्दर हाइकू हैं… आकाश ओढ़ो, तारों को बिछा दो, स्वप्न सोएँगे // बहुत ही सुन्दर कल्पना है

    सूरजमुखी- सा मन खिला पर, मुरझाया भी // सही कहा आपने, मन एक सूरजमुखी ही तो है.. जो खिलता भी है और मुरझाता भी है…

    कितना लूटा, धन संपदा यश, घर न मिला… यही एक बात अगर लोग समझ लें तो ज़िन्दगी कितनी सुकूनभरी हो जाये.

    मंजु


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

श्रेणी

%d bloggers like this: