Posted by: हरदीप कौर संधु | जनवरी 1, 2011

नए सुमन खिलें


नये साल में

नए सुमन खिलें

नया रंग हो

0

नए साल में

रंग , ढंग, उमंग

जो न भंग हो

0

मानवता का

महके गुलशन

वे सुमन हों

0

साज़े -दिल में

बज रही सुख की

सरगम हो।

0

सदा अमन

रहे ,न ख़ौफ़ दिल में

न ही जंग हो ।

0

इक प्यार का

संचार जग में हो,

उपहार हो

0

हार जीत हो

जग में न किसी की

शांतिदूत हो

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बसे इन्सान

हारे हैवानियत

सच ही जीते

-0-

-देवी नागरानी -न्यू जर्सी


-0-

बीता है साल

नया साल है आया

फैला उजाला

-इदराक खान

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Responses

  1. इक प्यार का
    संचार जग में हो,
    उपहार हो
    -यदि ऐसा हो जाए तो क्या ही बात है ! बहुत खूबसूरत कामना की गई है । ैस पावन संदेश के लिए हार्दिक अभिनन्दन

  2. नए वर्ष को अपने ही रंगों में रंग डाला …
    देवी नागरानी जी व इदराक खान ने शायद कुछ ऐसा ही कहने का प्रयास किया है ……

    नए सुमन
    खिलें हर आँगन
    पावन मन !

    अच्छे व निर्मल सन्देश के लिए बधाई !

  3. Beautiful.. !


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