Posted by: हरदीप कौर संधु | नवम्बर 29, 2010

उजियारा हो


1.निराश मन

कोई भी न आएगा

थामने हाथ !

2. लम्बा है रास्ता

बना तू रहनुमा

उम्मीद जगी !

3. दिल उदास

मर्मस्पर्शी शब्दों ने

दिया हौसला !

4. हिम्मत जुटा

मिलेगी वो मंजिल

मन चाहे जो !

5. ओ मेरे मन

जला आशा का दीप

उजियारा हो !

हरदीप कौर सन्धु (बरनाला)



Responses

  1. बहन हरदीप जी , आपके ये हाइकु निराश मन को नया उजाला देने वाले हैं । आशा का दीप लाखों लोगों को उबारता है । सच्चा साहित्य भी वही है , जो आदमी को मज़बूत बनाए , उसे रास्ता दिखाए । दिल उदास
    मर्मस्पर्शी शब्दों ने
    दिया हौसला !
    इस हाइकु को पढ़कर तो मेरा मन भर आया । आपको शब्दों की सच्ची शक्ति की पहचान है , तभी तो इतने कम शन्दों में पूरा मन्त्र पिरो दिया है , भुत बधाई!

  2. हर एक बात खरी कितनी सीधी सच्ची और बेहतरीन

  3. बहन हरदीप जी ,
    हाइकु क्र. 2 से 5 संपू्र्ण आशावादी सोच को गूंथकर लिखे गये है. इन हाइकुओं में प्रथम हाइकु कहीं खटक गया. मेल नहीं खा रहा. ऐसा मुझे लगा तो मैने कह दिया. यदि मैं गलत हूँ तो मुझे सही कीजियेगा. शेष सभी आशावादी हाइकु उच्चकोटि के हैं, गहरे हैं, प्रेरणा के दीपक है़.

  4. धवन जी पसन्द अपनी-अपनी ।

  5. मुझे तो पहले हाइकु मे भी बहुत गहराई नज़र आयी। निराश व्यक्ति से अकसर लोग दूर ही रहते है। इसलिए शायद आपने कहा है। बहुत सुन्दर सकारात्मक सोच से लिखे गये हाइकु। बधाई आपको।

  6. जैसे दिल ने अनुभव किया , वैसा ही हाइकु में लिखा गया है। कोई भी भाव बनावटी नहीं है…..
    पहला हाइकु निराश मन के हालात बताता है……निराश व्यक्ति कैसे इस अवस्था से बाहर निकलता है …..2 से 5 हाइकु यही बात कहते हैं । जब यह हाइकु लिखे …..दिल कह रहा था …..हाथ लिख रहे थे …..मन सुन रहा था…….बस कुछ ही पल में यह मेरे न होकर हम सब के हो गए !
    हर व्यक्ति का हाइकु को समझने का अपना तरीका होता है…….
    आप सब का बहुत -बहुत शुक्रिया …..हाइकु की रुह तक पहुंचने के लिए !!!

    हरदीप

  7. Bahut khubsurat haikoo….bahut 2 badhai

  8. हिम्मत जुटा
    मिलेगी वो मंजिल
    मन चाहे जो
    PRTYEK LINE ME UMMID BHARI HAI AAP NE BAHUT ACHCXHHA LIKHA HAI
    BADHAI
    SAADER
    RACHANA

  9. पॉज़िटिविटी से भरपूर हैं ये हाइकू…। निराश मनों को हौसला देने के लिए बहुत बधाई…।

  10. 1st position: koi nahi
    2nd positon: rahnuma mila
    3rd position: hausla dia
    4th posotion:himmat jutai
    5th position: ujiara hone ki aas
    bahut kmaal ka sequence h.
    cong. Madam Dr Hardeep

  11. “ओ मेरे मन
    जला आशा का दीप
    उजियारा हो !”
    हरदीप जी ये पंक्तियाँ तो हर तरह के कोहरे को चीरने वाली हैं ऽअपका फैलाया उजियारा निराश मन में आशा का संचार करेगा ।


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