Posted by: हरदीप कौर संधु | अगस्त 30, 2010

सपने


तपन-भरे

मौसम में हमने

बोए सपने

नवीन चतुर्वेदी


Responses

  1. Very nice !

  2. तपन-भरे
    मौसम में हमने
    बोए सपने
    -नवीन चतुर्वेदी जी का यह हाइकु बहुत सुन्दर है । तपन का सार्थक प्रयोग किया गया है ; एकदम गागर में सागर !

  3. नवीन जी का हाइकू अच्छा है

  4. गम्भीर है. मेरे हाइकू कैसे हैं ?


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

श्रेणी

%d bloggers like this: